
अफगानिस्तान के व्यस्त सीमा क्षेत्र तोरखम में रविवार सुबह पाकिस्तानी सेना की भारी गोलाबारी से एक प्रमुख व्यावसायिक बाजार में भीषण आग लग गई। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब चार बजे पाकिस्तान की ओर से दागे गए गोले बाजार परिसर में गिरे, जिससे आग भड़क उठी और 150 से अधिक दुकानें जलकर राख हो गईं। अनुमानित आर्थिक क्षति करीब 300 मिलियन डॉलर बताई जा रही है।
तोर्खम के मेयर मawlवी अब्दुल्ला मुस्तफा ने बताया कि आग बुझाने के लिए चार फायर ब्रिगेड वाहन, नगर निगम के वाटर टैंकर और स्थानीय लोगों को लगाया गया। लेकिन आग की तीव्रता इतनी थी कि काफी संघर्ष के बाद ही उसे नियंत्रित किया जा सका। यह बाजार अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच व्यापार का प्रमुख केंद्र है, जहां रोजाना हजारों लोग और माल की आवाजाही होती है।
स्थानीय व्यापारियों ने आवासीय इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है, क्योंकि लगातार हिंसा से पहले से ही आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। इस घटना से दोनों देशों के संबंध और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।
इससे पहले शुक्रवार को अफगान तालिबान सेना ने दावा किया कि डूरंड लाइन पर झड़पों में 30 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। कंधार के शोराबक जिले में एक चौकी पर कब्जा कर उसे विस्फोट से उड़ाया गया। पक्तिया में भी कई चौकियां अफगान नियंत्रण में आ गईं। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह ख्वारजमी ने यह जानकारी दी।
यह दुश्मनी 27 फरवरी को अफगान जवाबी कार्रवाई से भड़की, जो 21 फरवरी के पाकिस्तानी हमले के बाद हुई। पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ चलाकर जवाब दिया। सीमा पर तनाव चरम पर है, जिससे क्षेत्रीय शांति को खतरा बढ़ गया है।