
क्वेटा। बलूचिस्तान में मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर कम से कम पांच नागरिकों को जबरन गुमशुदा करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रांत में ऐसी घटनाओं के साथ-साथ कथित न्यायेतर हत्याओं का सिलसिला तेज हो रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश फैल गया है।
बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग पांक के मुताबिक, 21 फरवरी को हब जिले के अब्दुल्लाह बिजेंजो गोठ से 33 वर्षीय मजदूर गुलाम सरवर को सेना और खुफिया एजेंसियों ने उठा लिया। उसी तरह, 19 फरवरी को चागी के किली कासुम खान क्षेत्र से 24 वर्षीय छात्र आमिर बलोच को हिरासत में लेकर गायब कर दिया गया।
अवारान जिले के कुहादो जाहू में 18 फरवरी की रात घर पर दबिश के दौरान सादुल्लाह और लाल जान नामक दो भाइयों को भी सुरक्षा बलों ने ले गए। ये घटनाएं आम बलोच नागरिकों को निशाना बनाने की ओर इशारा करती हैं।
दूसरे संगठन बलोच वॉइस फॉर जस्टिस ने बताया कि कराची की नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ मॉडर्न लैंग्वेजेज से ग्रेजुएट दानियाल नासिर को 16 फरवरी को अगवा किया गया। संगठन का कहना है कि पढ़े-लिखे बलोच युवाओं पर हमला हो रहा है, जो उनके भविष्य को नष्ट करने की साजिश है।
जबरन गुमशुदगी कानून और इंसानी हक का सरासर उल्लंघन है। परिवारों को जानकारी दी जानी चाहिए और पीड़ितों की फौरण रिहाई सुनिश्चित होनी चाहिए।
इधर, फुल आबाद के पास वाहन पर गोलीबारी में दो महिलाओं की मौत और तीन घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन में अफगान नागरिक ईरान जा रहे थे। कई अन्य को हिरासत में लिया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है।
मानवाधिकार कार्यकर्ता चेतावनी दे रहे हैं कि बलूचिस्तान में ये अमानवीय कृत्य थमने का नाम नहीं ले रहे। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि न्याय हो सके।