
अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तानी वायुसेना के हमलों ने 13 निर्दोष अफगानों की जान ले ली, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने इसकी पुष्टि की है। स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को यूएनएएमए के हवाले से यह दर्दनाक खबर साझा की।
खामा प्रेस के अनुसार, 21-22 फरवरी की मध्यरात्रि नंगरहार के बेहसूद और खोगियानी जिलों में हुए हमलों से 13 लोग शहीद हुए, जबकि सात अन्य जख्मी हो गए। पक्तिका के बरमल में एक स्कूल व मस्जिद को निशाना बनाया गया, वहीं ओर्गुन जिले के एक आवास पर बमबारी की गई।
यूएनएएमए ने इन हवाई कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है। संगठन ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सख्ती से पालन करने और नागरिकों की हिफाजत सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही, घटनास्थलों पर पारदर्शी जांच और सुरक्षा मजबूत करने का आह्वान किया।
हालिया महीनों में दोनों देशों के रिश्ते कड़वे हो चुके हैं। अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तानी सेना पर आरोप लगाया कि उसने 22 फरवरी को आवासीय इलाकों पर घातक हमले किए, जिसमें मदरसा और घरों को नुकसान पहुंचा। मंत्रालय ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया।
‘यह अंतरराष्ट्रीय कानून, पड़ोसी सिद्धांतों और इस्लामी मूल्यों का खुला उल्लंघन है,’ मंत्रालय ने कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि अफगानिस्तान अपनी आजादी और लोगों की सुरक्षा के लिए ‘समयानुकूल और सोच-समझकर जवाब’ देगा। पाकिस्तानी खुफिया तंत्र की नाकामी का सबूत बताते हुए, मंत्रालय ने कहा कि बार-बार हो रहे हमले उनकी कमजोरियों को छिपा नहीं सकते।
क्षेत्रीय शांति के लिए तनाव कम करना जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय संवाद की अपेक्षा कर रहा है।