
चीन के दक्षिणी गुआंग्डोंग प्रांत के फोशान शहर में एक सीनियर हाई स्कूल में नोरोवायरस संक्रमण ने हड़कंप मचा दिया है। यहां शिंगहुई मिडिल स्कूल के 103 छात्रों में यह वायरस पाया गया। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को बताया कि सभी छात्रों की हालत स्थिर है, कोई गंभीर मामला या मौत नहीं हुई।
हाल ही में ये छात्र तेज उल्टी-दस्त से पीड़ित हुए। प्रारंभिक जांच में नोरोवायरस को बीमारी का कारण पाया गया, जो तीव्र गैस्ट्रोएंटेराइटिस का सबब बनता है।
स्कूल को पूरी तरह से सैनिटाइज किया गया है। छात्रों की निगरानी जारी है, रोजाना उपस्थिति जांच हो रही है। महामारी विज्ञान सर्वेक्षण चल रहा है ताकि संक्रमण का स्रोत पता चले।
गुआंग्डोंग सीडीसी के अनुसार, अक्टूबर से मार्च तक इस वायरस का प्रकोप चरम पर रहता है। यह तेजी से फैलता है, खासकर सर्दियों में। अमेरिका में यह खाद्य जनित बीमारियों का प्रमुख कारण है।
दुनिया भर में सालाना 68.5 करोड़ मामले दर्ज होते हैं, जिनमें 2 करोड़ बच्चों के। करीब 2 लाख मौतें होती हैं, जिसमें 50 हजार बच्चे शामिल। आर्थिक नुकसान 60 अरब डॉलर तक।
1968 में अमेरिका के नॉरवॉक स्कूल में पहला बड़ा प्रकोप हुआ, तभी इसका नाम पड़ा। यह ‘पेट का फ्लू’ नहीं, बल्कि पाचन तंत्र की बीमारी है। मौसमी बदलाव उत्तरी-सदर्न गोलार्ध में अलग-अलग होते हैं।
