
जिनेवा से महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है, जहां ओमान ने अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता को सकारात्मक और रचनात्मक बताया है। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी साझा की कि गुरुवार सुबह शुरू हुई बातचीत को कुछ देर के लिए ब्रेक पर भेज दिया गया है।
उन्होंने लिखा, ‘हम आज जिनेवा में सकारात्मक विचारों का आदान-प्रदान कर रहे थे, अब दोनों पक्षों के प्रतिनिधि ब्रेक लेने चले गए हैं। वार्ता फिर शुरू होगी और हमें प्रगति की आशा है।’ यह अप्रत्यक्ष बातचीत ओमान की मध्यस्थता में हो रही है, जो मध्य पूर्व में अमेरिका की व्यापक सैन्य तैयारी के बाद युद्ध टालने की अंतिम कोशिश मानी जा रही है।
डोनाल्ड ट्रंप की ईरान पर हमले की धमकियों और 15 दिन के अल्टीमेटम के बाद ये चर्चाएं शुरू हुईं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने स्पष्ट कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक परमाणु हथियार कतई नहीं बनाएगा, जैसा कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने पहले घोषित किया।
संयुक्त राष्ट्र के परमाणु प्रमुख राफेल ग्रॉसी भी वार्ता में शामिल हो सकते हैं। हालांकि ईरान का जोर सिर्फ परमाणु कार्यक्रम पर है, अमेरिका मिसाइलों और हूती जैसे चरमपंथी समूहों को समर्थन रोकने पर अड़ा है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चेतावनी दी कि ईरान को रेडलाइन पार करने या हथियार बनाने नहीं दिया जाएगा।
ओमान की भूमिका महत्वपूर्ण है। ब्रेक के बाद अगर प्रगति हुई तो क्षेत्रीय तनाव कम हो सकता है। दुनिया की नजरें इस डिप्लोमेसी पर टिकी हैं।