
वाशिंगटन में एक अप्रत्याशित घटना घटी जब न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में गुप्त बैठक की। वैचारिक टकरावों के बीच यह मुलाकात दोनों नेताओं के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई, जो किसी पूर्व निर्धारित सार्वजनिक आयोजन का हिस्सा नहीं थी।
ममदानी ने इसे सकारात्मक बताया और न्यूयॉर्क में बड़े पैमाने पर आवास निर्माण की अपनी योजनाओं पर चर्चा की। सिटी हॉल की प्रवक्ता अन्ना बहर के अनुसार, मेयर ने ऐसी परियोजनाएं प्रस्तुत कीं जो कुछ ही प्रोजेक्ट्स में पिछले 50 सालों से ज्यादा आवास बना सकती हैं। हालांकि, इनकी जगह, आकार या फंडिंग पर अभी कोई स्पष्टता नहीं है।
चर्चा में अप्रवासन मुद्दा भी छाया। व्हाइट हाउस से बाहर आते ही ममदानी ने एक्स पर पोस्ट किया कि उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी की छात्रा इलाइना अघायेवा की गिरफ्तारी पर चिंता जताई थी, जिन्हें सुबह आईसीई ने पकड़ा था। उन्होंने बताया कि उन्हें रिहा करने की सूचना मिल गई है। बाद में छात्रा को रिहा कर दिया गया।
गुरुवार भोर में फेडरल एजेंट्स ने मैनहट्टन कैंपस के आवासीय भवन में धावा बोला। यूनिवर्सिटी ने आरोप लगाया कि एजेंट्स ने ‘लापता व्यक्ति’ ढूंढने का झूठ बोलकर प्रवेश लिया। कार्यवाहक अध्यक्ष क्लेयर शिपमैन ने कहा कि भविष्य में गैर-सार्वजनिक इलाकों में आने से पहले पब्लिक सेफ्टी डिपार्टमेंट से संपर्क करें।
गृह सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि अघायेवा का वीजा 2016 में कक्षा न आने पर रद्द हुआ था। कोई अपील लंबित नहीं है और भवन प्रबंधक ने प्रवेश की इजाजत दी।
ट्रंप की डेमोक्रेटिक शहरों पर आलोचना के बावजूद यह दूसरी-तीसरी मुलाकात दर्शाती है कि संबंध बदल रहे हैं। न्यूयॉर्क फेडरल फंड्स पर निर्भर है और अप्रवासन बहसों का केंद्र। कोलंबिया जैसे संस्थान फेडरल दखल के विवादों में फंसे रहते हैं। व्हाइट हाउस की चुप्पी चर्चाओं को हवा दे रही है।