
ओटावा में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने इस सप्ताह कनाडाई अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं, जिससे द्विपक्षीय सुरक्षा संबंधों को नई दिशा मिली। ये चर्चाएं दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा हैं, जो साझा चुनौतियों का सामना करने पर केंद्रित रहीं।
शनिवार को डोवाल ने प्रधानमंत्री की उप सचिव एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नताली जी. ड्रौइन से भेंट की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने सुरक्षा पहलों की समीक्षा की और भविष्य के सहयोग के लिए एकीकृत कार्ययोजना पर सहमति जताई। इससे साझा लक्ष्यों पर ठोस कदम उठाने का रास्ता साफ हुआ।
चर्चा का प्रमुख बिंदु दोनों देशों में सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन लिशन अधिकारियों की तैनाती था। इसका लक्ष्य नशीली दवाओं की तस्करी, खासकर फेंटानिल पूर्वसामग्रियों और अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट्स पर त्वरित सूचना विनिमय सुनिश्चित करना है।
साइबर सुरक्षा पर औपचारिक सहयोग को मजबूत करने का वादा किया गया, जिसमें नीतिगत सामंजस्य और खतरे की सूचनाओं का आदान-प्रदान शामिल है। साथ ही, धोखाधड़ी रोकथाम और आव्रजन प्रवर्तन पर संयुक्त प्रयासों को आगे बढ़ाने पर बल दिया गया, जो घरेलू कानूनों का पालन करते हुए होगा।
दो दिवसीय यात्रा के दौरान शुक्रवार को डोवाल ने कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री से भी मुलाकात की। ये बैठकें मादक पदार्थ तस्करी और संगठित अपराध जैसी सीमापार समस्याओं पर केंद्रित रहीं।
दोनों पक्षों ने इन चर्चाओं को विश्वास निर्माण और प्रभावी सहयोग के लिए महत्वपूर्ण बताया। अतीत के तनाव के बावजूद, यह यात्रा सुरक्षा क्षेत्र में सकारात्मक प्रगति का प्रतीक है, जो दोनों देशों के नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत करेगी।