ईरान के साथ तनावपूर्ण माहौल में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बहादुरी भरी कार्रवाई की सराहना की है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि उनकी सेना ने ईरान से एक कर्नल को सफलतापूर्वक वापस लाया। इस पर नेतन्याहू ने अंग्रेजी में वीडियो संदेश जारी कर सभी इजरायलियों की खुशी जाहिर की।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी योद्धाओं द्वारा एक साहसी पायलट के अविश्वसनीय बचाव से साबित होता है कि हिम्मत और दृढ़ संकल्प से कोई चुनौती असंभव नहीं। अपने भाई योनी का जिक्र करते हुए, जो एक ऐसे ही ऑपरेशन में शहीद हुए थे, नेतन्याहू ने कहा कि वे ऐसी फैसलों की गंभीरता को अच्छी तरह समझते हैं।
ट्रंप को ‘प्रिय मित्र डोनाल्ड’ कहकर उन्होंने उनकी नेतृत्व क्षमता को सलाम किया और कहा कि इससे अमेरिका को एक और बड़ी सफलता मिली। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी इस अभियान में इजरायल की महत्वपूर्ण भूमिका का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका-इजरायल के बीच गहरे सहयोग का प्रतीक है, भले ही हालात कितने भी कठिन क्यों न हों।
इजरायली मीडिया के अनुसार, खुफिया सहायता और स्पेशल फोर्सेस की तैनाती ने मिशन को सफल बनाया। काट्ज ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर मिसाइल हमले जारी रहे तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और उसका बुनियादी ढांचा तबाह हो जाएगा। उन्होंने दक्षिणी ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट्स पर हमलों को उचित ठहराया, जो आईआरजीसी के मिसाइल कार्यक्रम को फंड करते हैं।
ये घटनाएं दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी को रेखांकित करती हैं, जो क्षेत्रीय खतरों से निपटने में अहम साबित हो रही हैं।
