
इजरायल-ईरान युद्ध के बीच एक बड़ा झटका लगा है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने इसे तानाशाही शासन का अंत बताते हुए कहा कि अब ईरान में शांति की राह खुलेगी।
नेतन्याहू ने बताया कि इजरायली वायुसेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में 30 से अधिक ठिकानों पर हमले किए। इनमें हवाई रक्षा प्रणाली, मिसाइल लांचर, सैन्य कमांड सेंटर और बैलिस्टिक मिसाइल भंडार शामिल थे। इंटेलिजेंस के आधार पर किए गए ये हमले ईरानी न्यूक्लियर कार्यक्रम के प्रमुख नेताओं, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडरों को नेस्तनाबूद कर चुके हैं।
‘हमने खामेनेई के ठिकाने को निशाना बनाया। यह तानाशाह अब जीवित नहीं है। आने वाले दिनों में हम आतंकी शासन के हजारों ठिकानों को तबाह करेंगे,’ नेतन्याहू ने कहा।
ईरान से मिसाइलें दागे जाने पर इजरायल में अलर्ट जारी हैं। होम फ्रंट कमांड ने लोगों से निर्देशों का पालन करने को कहा है। वायुसेना खतरों को विफल करने में जुटी है।
हमलों का असर दुबई तक पहुंचा जहां जेबेल अली पोर्ट पर मलबे से आग लग गई, जिसे बुझा दिया गया। कोई हताहत नहीं। अधिकारियों ने पुराने वीडियो शेयर न करने की अपील की। बहरीन एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला हुआ, लेकिन नुकसान नहीं।
ईरानी मीडिया ने पहले इनकार किया, लेकिन बाद में मौत कबूल की। यह घटना क्षेत्रीय समीकरण बदल सकती है।