
इजरायल के हालिया लेबनान हमलों के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने हिज्बुल्लाह के पूर्ण निरस्त्रीकरण पर जोर दिया है। सिडोन समेत कई जगहों पर किए गए हवाई हमलों में हिज्बुल्लाह और हमास के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिका की मध्यस्थता वाले युद्धविराम समझौते में स्पष्ट प्रावधान है कि हिज्बुल्लाह को पूरी तरह निहत्था किया जाए। ‘यह इजरायल की सुरक्षा के साथ-साथ लेबनान के उज्ज्वल भविष्य के लिए अनिवार्य है।’
लेबनान सरकार और सेना की प्रारंभिक पहलों को सराहा गया, लेकिन कहा गया कि ये प्रयास अपर्याप्त हैं। ईरान प्रायोजित हिज्बुल्लाह अपने आतंकी नेटवर्क को फिर से सशस्त्र करने में जुटा है।
आईडीएफ ने बताया कि हमलों में हथियार भंडारण स्थल और सैन्य संरचनाओं को ध्वस्त किया गया, जिनका उपयोग इजरायली सैनिकों पर हमलों और क्षमता पुनर्निर्माण के लिए होता था। सिडोन में औद्योगिक क्षेत्र का एक व्यावसायिक भवन ध्वस्त हो गया, कई लोग घायल।
लेबनान की एजेंसी के अनुसार चार मकान नष्ट, वाहन-दुकानें क्षतिग्रस्त और सड़कें बुरी तरह प्रभावित। इजरायल का दावा है कि ये कार्रवाइयां हिज्बुल्लाह के खतरे को समाप्त करने के लिए हैं।
क्षेत्रीय स्थिरता के लिए युद्धविराम का कड़ाई से पालन जरूरी है, ताकि सीमा पर तनाव कम हो और शांति स्थापित हो सके।