
काठमांडू में गुरुवार को संसदीय चुनावों की धूम मची हुई है। दोपहर 1 बजे तक करीब 40 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का सदुपयोग किया, जो कुल पंजीकृत वोटरों का 24 प्रतिशत है। चुनाव आयोग ने पूरे देश में शांतिपूर्ण मतदान की पुष्टि की है।
सुबह 7 बजे शुरू हुए मतदान में 1.89 करोड़ से ज्यादा योग्य वोटर हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें 9.15 लाख नए वोटर भी शामिल हैं। सितंबर 2025 के जेन-जी आंदोलन के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है, जिसने पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली की सरकार को उखाड़ फेंका था।
275 सदस्यीय निचले सदन के लिए 165 सीटें फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट और 110 आनुपातिक प्रतिनिधित्व से भरी जाएंगी। नेपाल पुलिस के डीआईजी अभि नारायण काफले ने बताया कि छोटी-मोटी घटनाओं को छोड़कर सब सुचारु है। दोलखा जिले के तमाकोशी में एक प्रतिनिधि ने पोलिंग अधिकारी पर हमला बोला, जिसे नियंत्रित कर लिया गया।
सरलाही-4 में नेपाली कांग्रेस के गगन थापा और आरएसपी के अमरेश सिंह के बीच मामूली झड़प हुई। पीएम सुशीला कार्की, ओली, प्रचंड, रवि लामिछाने समेत नेताओं ने वोट डाला। कार्की ने अपील की, ‘अपना बहुमूल्य वोट डालें, यही भविष्य बनाएगा।’ मतदान जारी है, उम्मीदें बढ़ीं।