
राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने रूस में फंसे और लापता भारतीय नागरिकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखा है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और जम्मू के युवाओं को ट्रैवल एजेंटों ने नौकरी के झूठे लालच देकर रूसी सेना में धकेल दिया, जो अब मानवीय संकट बन चुका है।
बुधवार को दिल्ली स्थित उनके आवास पर 24 परिजनों ने मुलाकात की। उन्होंने संघर्ष क्षेत्रों में फंसे अपनों की चिंता जताई। तीन-चार महीनों से संपर्क टूटा होने से परिवार मानसिक आघात झेल रहे हैं। बेनीवाल ने परिवारों की बेचैनी को समझा और तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
संसद के शीतकालीन सत्र के आंकड़ों के हवाले से उन्होंने बताया कि 211 भारतीय इस मामले में फंस चुके हैं। 27 की मौत हो चुकी, 121 को वापस लाया गया, जबकि 63 अभी भी फंसे हैं। उन्होंने केंद्र से शेष लोगों की सुरक्षा, पारदर्शी अपडेट और पीड़ित परिवारों को सहायता देने की मांग की।
पिछले दिसंबर में लोकसभा में उन्होंने इसे गंभीर संकट बताते हुए राजनयिक प्रयास तेज करने की अपील की थी। अध्ययन वीजा पर गए युवाओं को युद्ध में झोंक दिया गया। बेनीवाल ने एजेंटों पर कार्रवाई की भी मांग उठाई।
यह मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर गूंज रहा है। सरकार के कदमों से परिवारों को उम्मीद बंधी है कि उनके अपनों की जल्दी घर वापसी होगी।