
अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट पर एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लिया। दोनों नेताओं ने पतंग उड़ाकर मित्रता, सद्भाव और एकजुटता का प्रतीकात्मक संदेश दिया।
मकर संक्रांति पर गुजरात की यह सदियों पुरानी परंपरा हर घर, हर गली को उत्सवमय बना देती है। आकाश में रंग-बिरंगी पतंगें उड़ती हैं, जो खुशियों का संदेश लेकर दूर-दूर तक फैलती हैं। लेकिन इस स्थानीय परंपरा को विश्व पटल पर लाने का श्रेय पीएम मोदी को जाता है।
मुख्यमंत्री काल में मोदी जी ने गुजरात की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच प्रदान करने का सपना देखा। उनकी पहल से अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत जैसे शहरों में विदेशी पतंगबाज और कलाकार आकर्षित होने लगे। यह महोत्सव अब केवल उत्सव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक राजनय का माध्यम बन गया है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर इस पल की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि पतंग महोत्सव आकाश को रंगों और उमंग से भर देता है। चांसलर मर्ज को इस परंपरा से जोड़ना सुखद रहा। आज यह उत्सव भारत की एकता और सकारात्मकता का प्रतीक बन चुका है, जो विश्व भर में हमारी संस्कृति का डंका बजाता है।