मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ आक्रामक धमकियों ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। क्रेमलिन ने इस स्थिति को ‘आग की लपटों से घिरा’ बताते हुए गंभीर चेतावनी जारी की है।

मॉस्को में प्रेस ब्रिफिंग के दौरान क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि हालिया घटनाएं स्थिति की भयावहता को दर्शाती हैं। यह संकट अब किसी एक देश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि नियंत्रण न किया गया तो यह बड़े पैमाने पर युद्ध में बदल सकता है।
ट्रंप ने ईस्टर संडे को ट्रुथ सोशल पर एक कटु पोस्ट में होर्मुज जलडमरूमध्य तत्काल खोलने का अल्टीमेटम दिया। अन्यथा मंगलवार तक ईरान के बिजलीघरों और पुलों को निशाना बनाने की धमकी दी। इस बयान ने वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा दिया है।
पेस्कोव ने ट्रंप के बयान को देखने की पुष्टि की, लेकिन सीधी टिप्पणी से परहेज किया। रूस ने सभी पक्षों से संयम और कूटनीति की अपील की। उन्होंने चेताया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा।
होर्मुज में रुकावट से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होगी, जिससे आयातक देश चिंतित हैं। कई राष्ट्रों ने नागरिकों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव बढ़ने पर एशिया-यूरोप तक प्रभाव पहुंचेगा।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर रखे हुए है। क्रेमलिन की यह चेतावनी संकट को टालने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
