
वॉशिंगटन। पाकिस्तान में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा ने अपनी रणनीति में क्रांतिकारी बदलाव किया है। अमेरिकी थिंक टैंक एमईएमआरआई की रिपोर्ट के अनुसार, यह संगठन अब समुद्री हमलों के लिए विशेष विंग तैयार कर रहा है, जो भारतीय महाद्वीप की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।
संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधित इस आतंकी समूह ने प्रशिक्षण को नया रूप दिया है। 15 से 35 साल के युवाओं के लिए 20-40 दिनों के कोर्स में तैराकी, स्कूबा डाइविंग, मोटरबोट चलाना और पानी के नीचे रणनीति सिखाई जाती है। इन्हें आपदा राहत प्रशिक्षण के नाम पर आयोजित किया जाता है, लेकिन पीएमएमएल और एमवाईएल जैसे मोर्चा संगठनों के जरिए चलाए जाते हैं।
प्रशिक्षण धार्मिक प्रवचनों से शुरू होकर उग्रवाद की ओर ले जाता है। चुनिंदा ट्रेनियों को हथियार और गुरिल्ला युद्ध सिखाया जाता है, ताकि भारत विरोधी जिहाद में लग सकें। यह 26/11 मुंबई हमलों की समुद्री घुसपैठ से मिलता-जुलता है।
रिपोर्ट में हारिस दर का वीडियो और एक कमांडर का बयान है, जो समुद्री इकाई की पुष्टि करता है। प्रशिक्षण इस्लामाबाद से कराची, मीरपुर डैम तक फैला है। पाक नौसेना और लश्कर कमांडर रिजवान हनीफ-अमीर जिया की निगरानी में चल रहा।
क्षेत्रीय स्थिरता के लिए यह खतरा गहरा रहा है। तटीय सुरक्षा मजबूत करने और खुफिया साझेदारी बढ़ाने की जरूरत है।