
मॉस्को। यूक्रेन संकट के बीच क्रेमलिन ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ बातचीत का सिलसिला बनाए रखना बेहद जरूरी है। प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उद्यमी जारेड कुशनर की संभावित रूस यात्रा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि तारीखें फिक्स होते ही रूस इनका स्वागत करेगा।
पेस्कोव ने ट्रंप की उस राय से सहमति जताई जिसमें उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को शांति प्रयासों में बाधा बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की स्थिति तेजी से खराब हो रही है और उसके पास निर्णय लेने की क्षमता सिकुड़ती जा रही। ट्रंप ने बुधवार को पत्रकारों से कहा था कि पुतिन समझौते के लिए तैयार हैं, लेकिन यूक्रेन नहीं।
उधर, न्यू स्टार्ट संधि के तहत हथियार प्रतिबंधों को एक साल बढ़ाने के रूस के प्रस्ताव पर अमेरिका की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं आया। 2010 की यह संधि परमाणु हथियारों और वितरण प्रणालियों पर सीमा लगाती है। 2021 में इसे 2026 तक बढ़ाया गया था। पुतिन ने सितंबर में कहा था कि अमेरिका तैयार हो तो रूस भी संधि का पालन करेगा।
ट्रंप प्रशासन के सत्ता में लौटने के दौर में क्रेमलिन का यह बयान कूटनीतिक संभावनाओं को रेखांकित करता है। यूक्रेन युद्ध लंबा खिंचने और आर्थिक दबावों के बीच, दोनों महाशक्तियों के बीच संवाद ही तनाव कम करने का रास्ता दिखाता है।