
ईरान में आर्थिक संकट के खिलाफ भड़के व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) को अभूतपूर्व उच्च सतर्कता पर रहने का निर्देश दिया है। यह आदेश इजरायल युद्ध के दौरान से भी अधिक सतर्कता वाला बताया जा रहा है।
28 दिसंबर से शुरू हुए ये प्रदर्शन अब दर्जनों शहरों तक फैल चुके हैं, जहां जीवनयापन की बढ़ती महंगाई और अन्य शिकायतें लोगों को सड़कों पर उतार रही हैं। पूरे देश में इंटरनेट कटौती के बावजूद झड़पें तेज हो रही हैं और मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक 50-60 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।
आईआरजीसी ने टेलीविजन पर प्रदर्शनकारियों को सीमा में रहने की चेतावनी दी है। संगठन ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा को लाल रेखा करार दिया तथा 1979 की इस्लामिक क्रांति की हिफाजत को प्राथमिकता बताया।
कोर की खुफिया इकाई ने इन्हें विदेशी साजिशों से प्रेरित आतंकी दंगे कहा और ऐसी गतिविधियों को कुचलने का वादा किया। अधिकारियों ने खामेनेई के आईआरजीसी पर पूर्ण भरोसे का जिक्र किया, जो सेना या पुलिस से कहीं अधिक विश्वसनीय है।
भूमिगत मिसाइल शहर सक्रिय कर दिए गए हैं। खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को उपद्रवी करार देते हुए ट्रंप को प्रसन्न करने वाले बताया। निर्वासित राजकुमार रेजा पहलवी ने शहरों पर कब्जे की अपील की, जबकि न्यायिक तंत्र मौत की सजा की धमकी दे रहा है। एमनेस्टी और ह्यूमन राइट्स वॉच ने बल प्रयोग की निंदा की है।