
काबुल। अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रालय ने रविवार को पाकिस्तानी सेना पर नांगरहार और पक्तिका प्रांतों में रिहायशी इलाकों पर हवाई हमले करने का गंभीर आरोप लगाया। इन हमलों में एक मदरसे और कई घरों को निशाना बनाया गया, जिसमें महिलाओं व बच्चों समेत बड़ी संख्या में निर्दोष अफगान मारे गए या घायल हुए।
मंत्रालय के बयान में स्पष्ट किया गया कि यह अफगान हवाई क्षेत्र का स्पष्ट उल्लंघन है, जो काबुल द्वारा लगाए जा रहे पाकिस्तान के आक्रामक रुख की पुष्टि करता है। हमलों को अफगानिस्तान की संप्रभुता पर सीधा प्रहार बताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून, पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों और इस्लामी मूल्यों का खुला उल्लंघन करार दिया गया।
मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि देश की संप्रभुता और नागरिकों की रक्षा धार्मिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय कर्तव्य दोनों हैं। साथ ही सही समय पर सोच-समझकर जवाब देने की चेतावनी जारी की। पाकिस्तानी सेना की खुफिया और सुरक्षा विफलताओं का सबूत बताते हुए कहा कि आम लोगों व धार्मिक स्थलों पर बार-बार हमले उनकी आंतरिक कमजोरियों को छिपा नहीं सकते।
इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (आईएचआरएफ) ने नांगरहार के बेहसूद जिले में हुए एक घातक हमले पर गहरी चिंता जताई। स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया कि एक ही परिवार के 16 सदस्य मारे गए, जिनमें एक साल का बच्चा से लेकर 80 वर्षीय बुजुर्ग शामिल थे। दो बच्चे चमत्कारिक रूप से बच गए, जबकि एक अन्य घायल हुआ।
आईएचआरएफ ने इसे न केवल जनहानि बल्कि पूरे परिवार के सफाए का प्रयास बताया। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से तत्काल स्वतंत्र जांच, हमले के आदेशदाताओं व अमलकर्ताओं पर कार्रवाई तथा बेहसूद के पीड़ितों को तुरंत मानवीय सहायता की मांग की। अफगान नागरिकों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने की अपील की गई।
ये घटनाएं दोनों देशों के बीच तनाव को और गहरा रही हैं, जिससे क्षेत्रीय शांति पर सवाल उठ रहे हैं।