
जापान के उत्तरी क्षेत्रों में बुधवार को आए भयंकर बर्फीले तूफान ने पूरे इलाके को ठंड की चपेट में ले लिया। होक्काइडो और जापान सागर के तटीय इलाकों में तेज हवाओं, उड़ती हुई बर्फ और कड़ाके की सर्दी ने लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया। रेल सेवाएं ठप हो गईं और हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द कर दी गईं।
जेआर होक्काइडो के मुताबिक, मंगलवार से अब तक 50 ट्रेनें तेज हवाओं और बर्फीले तूफान के कारण बंद करनी पड़ीं। न्यू चितोसे एयरपोर्ट पर 82 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि कई अन्य में भारी देरी दर्ज की गई। प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि सफेद धुंध और भारी बर्फबारी गुरुवार सुबह तक जारी रहेगी, जिससे परिवहन व्यवस्था पर और बोझ पड़ेगा।
मौसम विभाग का अनुमान है कि जापान सागर के दक्षिणी तटों पर 35 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। उत्तरी जापान सागर और प्रशांत तट पर 30 मीटर प्रति सेकंड तक हवाएं जोरदार होंगी। समुद्री क्षेत्रों में भी 35 मीटर प्रति सेकंड की हवाओं का खतरा मंडरा रहा है। अगले 24 घंटों में जापान सागर से सटे इलाकों में 40 सेंटीमीटर तक बर्फ गिर सकती है।
इधर, चीन में भी ठंड का प्रकोप बढ़ने वाला है। राष्ट्रीय मौसम केंद्र ने इनर मंगोलिया और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में 10 दिनों तक तापमान में भारी गिरावट, तेज हवाओं और बर्फबारी की चेतावनी दी है। तापमान सामान्य से 2-5 डिग्री कम रह सकता है। इनर मंगोलिया और गांसू में रेतीले तूफानों की भी आशंका है। विशेषज्ञों ने फसलों की सुरक्षा और पशु आश्रयों को मजबूत करने की सलाह दी है।