
वॉशिंगटन। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का तीन दिवसीय अमेरिकी दौरा संपन्न हो गया। 2 से 4 फरवरी तक चले इस दौरे में उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से महत्वपूर्ण चर्चा की। जयशंकर ने दौरे को सकारात्मक और उपयोगी करार दिया।
सोशल मीडिया एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की विस्तृत तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यह समझौता दोनों देशों के रिश्तों में नया अध्याय जोड़ेगा, जिसमें अपार संभावनाएं नजर आ रही हैं।
जरूरी खनिजों पर सहयोग तेज रफ्तार पकड़ रहा है। रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक मामलों पर निकट भविष्य में बातचीत होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर संबंधों में मजबूत गति दिख रही है।
दौरे के दौरान जयशंकर ने रुबियो और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से अलग-अलग बैठकें कीं। इनमें रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक सहयोग पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
रुबियो के साथ व्यापार, ऊर्जा, न्यूक्लियर, रक्षा, खनिज और प्रौद्योगिकी जैसे मुद्दों पर सहमति बनी। दोनों पक्ष फॉलो-अप कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए राजी हो गए।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, खनिजों की खोज, खनन और प्रोसेसिंग पर सहयोग को औपचारिक रूप देने पर चर्चा हुई। यह आर्थिक और रणनीतिक संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा।
ट्रंप-मोदी व्यापार घोषणा के एक दिन बाद हुई यह बैठक दोनों लोकतंत्रों के बीच बाधाओं को कम करने और बाजार पहुंच बढ़ाने पर केंद्रित रही। जयशंकर का दौरा भारत-अमेरिका मित्रता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला साबित हुआ।