
नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अलबुसैदी से टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत की। पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ते तनाव पर केंद्रित यह चर्चा वैश्विक शांति प्रयासों का हिस्सा बनी।
बातचीत के बाद जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने ओमान के समकक्ष के साथ क्षेत्रीय स्थिति पर विचार-विमर्श किया। इससे ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 मार्च को ओमान सुल्तान हैथम बिन तारिक से फोन पर चर्चा की थी।
पीएम ने ओमान की संप्रभुता हनन की कड़ी निंदा की और भारतीय समुदाय को दिए सहयोग की प्रशंसा की। दोनों ने पश्चिम एशिया की ताजा घटनाओं पर राय रखी तथा शांति बहाली के लिए निरंतर कूटनीति पर जोर दिया।
2 मार्च को ओमान में भारतीय दूतावास ने बताया कि तेल टैंकर पर हमले में एक भारतीय की मौत हो गई। मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाला यह जहाज ओमान तट से 52 नॉटिकल मील दूर ड्रोन नाव से निशाना बना। 59,463 मीट्रिक टन माल लादे जहाज के इंजन रूम में विस्फोट से आग लग गई।
बचाव कार्य में 21 चालक दल सदस्य सुरक्षित निकाले गए—16 भारतीय, 4 बांग्लादेशी और 1 यूक्रेनी। ओमान रॉयल नेवी जहाज की निगरानी कर रही है। यह तनाव 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों से भड़का, जिसमें शीर्ष ईरानी नेता मारे गए।
ईरान ने जवाबी ड्रोन-मिसाइल हमले किए, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी। भारत की यह सक्रिय कूटनीति उसके रणनीतिक हितों को सुरक्षित रखने का प्रयास है। ओमान के साथ मजबूत रिश्ते शांति प्रक्रिया को गति दे सकते हैं।