
प्रयागराज। त्रिवेणी संगम के पावन घाटों पर माघ मेला 2026 अपनी पूरी भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है। लाखों श्रद्धालुओं के बीच इटली से पधारी लुक्रेजिया ने भारत को जादुई देश बताते हुए कहा कि यह उनके दिल में हमेशा के लिए बस गया है।
पिता के साथ विश्व भ्रमण करने वाली लुक्रेजिया की यह तीसरी भारत यात्रा है। उन्होंने बताया, ‘भारत अद्भुत है। यहां के लोग आत्मीय, भोजन स्वादिष्ट, संस्कृति गहन और हिंदू धर्म प्रेरणादायी। यही कारण है कि हम बार-बार लौटते हैं।’
2024 में पहली यात्रा, 2025 में महाकुंभ और अब 2026 में माघ मेला। प्रयागराज के बाद वे वाराणसी जाने की योजना बना रही हैं। 10 दिवसीय यात्रा में अपने आध्यात्मिक गुरु की शिक्षाओं पर बोलीं, ‘दया, करुणा और अनावश्यक त्याग सिखाते हैं। स्वयं को स्वीकारना सर्वोच्च ज्ञान है। उन्होंने सब छोड़ दिया, इसलिए उनके पास सब है।’
मेला 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान से प्रारंभ हुआ, जिसमें 22 लाख ने डुबकी लगाई। 44 दिनों में प्रमुख स्नान: 14 जनवरी मकर संक्रांति, 18 जनवरी मौनी अमावस्या, 23 जनवरी बसंत पंचमी, 1 फरवरी माघी पूर्णिमा, 15 फरवरी महाशिवरात्रि।
सीएम योगी के निर्देश पर 1500 से अधिक सीसीटीवी, केंद्रीय कमांड सेंटर, आधुनिक उपकरण, वॉच टावर और जल पुलिस से सुरक्षा कवच तैयार।
लुक्रेजिया का अनुभव माघ मेले की वैश्विक आकर्षण को रेखांकित करता है, जो प्रयागराज को आस्था का अमर केंद्र बनाए रखता है।