
सिडनी, 10 फरवरी। बोंडी बीच आतंकी हमले के बाद इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग को आमंत्रित करने वाले ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को सोमवार को उनके ही देश में हुए विरोध प्रदर्शनों से गहरा आघात पहुंचा। हर्जोग के आगमन पर देशभर में इजरायल-विरोधी समूहों ने जोरदार रैलियां निकालीं, जिसके चलते पुलिस को हल्के बल का सहारा लेना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पों पर अल्बनीज ने ट्रिपल एम रेडियो को दिए इंटरव्यू में दुख जताया। उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया के लोग यहां लड़ाई-झगड़े या हत्याओं को नहीं चाहते, चाहे वे इजरायली हों या फिलिस्तीनी।’ उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से विचार व्यक्त करने की अपील की और चेतावनी दी कि हिंसा से उद्देश्य कमजोर होते हैं।
हर्जोग के दौरे से पहले अल्बनीज ने लोगों से इसके पीछे के कारण का सम्मान करने को कहा था। वे हमले में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने राष्ट्रपति के साथ होंगे। हालांकि, यहूदी समुदाय उन्हें बढ़ते यहूदी-विरोधी रवैये पर नाकामी के लिए कोस रहा है।
पुलिस के अनुसार, सिडनी के टाउन हॉल के पास हजारों प्रदर्शनकारियों को हटाने पर हिंसा भड़की। टीवी फुटेज में नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश और जमीन पर लेटे लोग दिखे। आंसू गैस और पेपर स्प्रे से भीड़ तितर-बितर की गई। 27 गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें 10 पर अधिकारियों पर हमला करने के आरोप। अदालत ने पुलिस की शक्तियों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी।
हर्जोग विरोध स्थलों पर नहीं थे। न्यू साउथ वेल्स के मुख्यमंत्री क्रिस मिन्स ने पुलिस का बचाव किया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘वे जटिल परिस्थिति में फंसे थे।’ उन्होंने शांति बनाए रखने का आह्वान किया।
यह घटना ऑस्ट्रेलिया में इजरायल-फिलिस्तीन विवाद पर गहरी खाई को उजागर करती है। अल्बनीज की शांति अपील तनाव कम करने का प्रयास है।