
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल का दो दिवसीय दौरा समाप्त होने के बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई दिशा मिल रही है। मुंबई में इजरायल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने विशेष साक्षात्कार में मुक्त व्यापार समझौते को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
दोनों नेताओं के बीच गहरा नाता गुजरात के मुख्यमंत्री रहते मोदी के इजरायल दौरे से जुड़ा है। हालिया यात्रा में इजरायली संसद सदस्यों, भारतीय समुदाय और मीडिया ने मोदी व उनकी सरकार की सराहना की, खासकर पिछले ढाई वर्षों के समर्थन के लिए।
इजरायल के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे जाने पर रेवाच ने कहा कि यह संसद का सबसे बड़ा पुरस्कार है, जो मोदी के योगदान और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की मान्यता दर्शाता है।
रक्षा सहयोग दोनों देशों के लिए अहम है, जो आतंकवाद से जूझ रहे क्षेत्रों में स्थित हैं। मोदी ने 7 अक्टूबर हमले की निंदा की, जबकि इजरायल ने भारत का हर कदम पर साथ दिया। हवाई प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइलों जैसे संयुक्त प्रोजेक्ट भारत की क्षमता बढ़ाएंगे।
सहयोग के क्षेत्र विस्तृत हैं—रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, साइबर के अलावा विज्ञान, शिक्षा, जल प्रबंधन, एआई, फिनटेक, क्वांटम, बायोटेक और सेमीकंडक्टर। को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन पर फोकस के साथ मुक्त व्यापार वार्ता तेज हो रही हैं।
यह दौरा महत्वपूर्ण समय पर हुआ, जहां मोदी को गर्मजोशी से स्वागत मिला। इजरायल भारत को वैश्विक महाशक्ति और सबसे बड़ी लोकतंत्र के रूप में देखता है, जबकि नेतन्याहू-मोदी का बंधन इसे विशेष बनाता है।