
तेल अवीव। इजरायल की अटॉर्नी जनरल गली बहाराव-मियारा के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भ्रष्टाचार के मामलों में माफी के अनुरोध पर अभी तक कोई जांच नहीं हुई है। स्थानीय मीडिया को दिए बयान में कार्यालय ने चैनल 13 की रिपोर्ट का खंडन किया, जिसमें दावा किया गया था कि जल्द ही अस्वीकृति की सिफारिश हो सकती है।
मानक प्रक्रियाओं के अनुसार ही इसकी समीक्षा की जाएगी, कार्यालय ने जोर दिया। नेतन्याहू ने नवंबर 2025 में राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से औपचारिक माफी मांगी थी। उन्होंने धोखाधड़ी, रिश्वत और विश्वासघात के आरोपों से छूट की गुजारिश की, बिना अपराध कबूला। यह उनके लंबे मुकदमे को खत्म करने की कोशिश थी।
प्रक्रिया में अटॉर्नी जनरल की राय क्षमा विभाग को जाती है, जो राष्ट्रपति को सलाह देता है। जानकारों के अनुसार, दोष मानना जरूरी नहीं, लेकिन सजा से पहले माफी असामान्य है।
यह बयान इजरायली राजनीति में नया विवाद पैदा कर सकता है, जहां नेतन्याहू कई जांचों से जूझ रहे हैं। हर्जोग ने सभी राय लेने के बाद फैसला लेने का वादा किया है।
पिछले हफ्ते नेतन्याहू से मिलने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हर्जोग पर निशाना साधा। उन्होंने माफी न देने पर शर्मिंदगी की बात कही। पिछले साल भी ट्रंप ने खत लिखा था।
पोलिटिको को हर्जोग ने कहा कि ट्रंप से दोस्ती महत्वपूर्ण है, लेकिन इजरायल का कानूनी तंत्र स्वतंत्र रहना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं।