ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की खुफिया इकाई के प्रमुख मेजर जनरल खदेमी की मौत हो गई। ईरानी राज्य मीडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है।

ईरान ने इस घटना के लिए अमेरिका और इजरायल को सीधे जिम्मेदार ठहराया है। इसे देश को अस्थिर करने की बड़ी साजिश बताया गया। आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने सोमवार को बयान में कहा कि मेजर जनरल खदेमी ने क्रांति, शासन और इस्लामी वतन की रक्षा में लगभग 50 वर्षों तक खुफिया एवं सुरक्षा क्षेत्र में ईमानदारी व साहस का परिचय दिया।
तस्नीम न्यूज एजेंसी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि खदेमी, जो रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की खुफिया शाखा के शक्तिशाली एवं विद्वान प्रमुख थे, सोमवार सुबह अमेरिकी-इजरायली हमले में शहीद हो गए। इसे क्रांति की शहादत करार दिया गया।
ईरान ने खदेमी की मौत को अपूरणीय क्षति कहा, लेकिन उनकी विरासत सुरक्षा नीतियों को दिशा देती रहेगी। अंतिम संस्कार की घोषणा शीघ्र होगी। दूसरी ओर, इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी उनकी हत्या की पुष्टि की और अपनी सेना की सराहना की। द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, आईडीएफ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आयल जमीर के साथ बैठक में इसकी जानकारी दी गई।
यह घटना 28 फरवरी से चले संघर्ष की कड़ी है। एक माह से अधिक समय में कई शीर्ष ईरानी नेता शहीद हो चुके। पहले हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत हुई। उनके अलावा अली लारीजानी, नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसीरी, ब्रिगेडियर जनरल जमशेद इशाकी जैसे दिग्गज शामिल हैं।
ईरान प्रतिशोध की तैयारी में जुटा है, जबकि इजरायल सतर्क। क्षेत्रीय शांति पर संकट गहरा गया है।
