
बगदाद। इस्लामिक स्टेट (आईएस) के हजारों कैदियों की सुरक्षा और उनके रखरखाव का पूरा खर्च इराक अकेले नहीं झेल सकता। यह बात विदेश मंत्री फुआद हुसैन ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास के साथ फोन पर चर्चा के दौरान कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समस्या की साझा जिम्मेदारी सभी संबंधित देशों की है, जिसमें ईयू को भी आगे आना होगा।
सीरिया के उत्तर-पूर्वी हिस्से में हाल की जेल तोड़ने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है, जहां कुर्द नेतृत्व वाली एसडीएफ द्वारा संचालित जेलों से आईएस आतंकी फरार हो गए। दोनों नेताओं ने हसाका प्रांत में संघर्षविराम कायम रखने और शांतिपूर्ण हल पर बल दिया।
एसडीएफ और सीरिया की अंतरिम सरकार के बीच बातचीत में यूरोप की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया, ताकि दोनों पक्षों के बीच ठोस समझौते हो सकें। हुसैन ने अपनी ईरान यात्रा के परिणामों से भी अवगत कराया और क्षेत्रीय तनाव के बीच ईयू के साथ संबंध मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
कालास ने सीरिया से आईएस कैदियों को स्वीकार करने के लिए इराक का धन्यवाद किया। गौरतलब है कि हाल ही में 150 आईएस कैदियों को हसाका से इराक स्थानांतरित किया गया, जो एक बड़े प्लान का हिस्सा है जिसमें 7,000 तक कैदी इराक लाए जा सकते हैं।
इससे पहले इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने फ्रांस के राष्ट्रपति से अपील की थी कि ईयू देश अपने नागरिकों को वापस लें। आईएस खतरे के खिलाफ वैश्विक एकजुटता की यह मांग क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जरूरी है।