
तेहरान से बड़ी खबर आ रही है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी मंगलवार को उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचेंगे। नूर न्यूज के अनुसार, यह यात्रा क्षेत्रीय मुद्दों, वैश्विक घटनाओं और द्विपक्षीय संबंधों पर गहन चर्चा के लिए होगी।
यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ओमान ने हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता की मेजबानी की थी। शुक्रवार को हुई इस बातचीत के बाद ओमान भविष्य की चर्चाओं का प्रमुख केंद्र बन गया है। विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगले दौर की तिथि और स्थान ओमान से सलाह लेकर तय होगा।
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने इन वार्ताओं को ‘एक कदम आगे’ बताया, लेकिन अमेरिका की नई पाबंदियों की धमकी का जिक्र भी किया। इजरायल-ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिका द्वारा ईरानी परमाणु केंद्रों पर हमले के बाद यह पहली उच्चस्तरीय बातचीत है।
पेज़ेश्कियान ने एक्स पर पोस्ट किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम एनपीटी के दायरे में है। उन्होंने कहा, सम्मान का जवाब सम्मान से, दबाव सहन नहीं। अराघची ने अमेरिका पर कूटनीति में गंभीरता की कमी का आरोप लगाया। लगातार पाबंदी और क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियां अमेरिकी मंसूबों पर सवाल उठाती हैं।
अराघची ने स्पष्ट किया कि यूरेनियम संवर्धन जैसे शांतिपूर्ण अधिकार समझौते से बाहर हैं। मिसाइल कार्यक्रम कभी वार्ता का हिस्सा नहीं था। अमेरिका-इजरायल की मांगों के बावजूद तेहरान अडिग है। ओमान यात्रा कूटनीति को नई दिशा दे सकती है।