
तेहरान। हिंद महासागर में ईरानी फ्रिगेट आईआरआईएस डेना को अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से डुबो दिया। इस घटना पर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे ‘समुद्री क्रूरता’ करार देते हुए कहा कि वाशिंगटन को इसका गहरा अफसोस होगा।
अराघची ने एक्स पर पोस्ट में बताया कि यह हमला ईरानी तट से 2,000 मील दूर अंतरराष्ट्रीय जल में बिना चेतावनी के किया गया। जहाज पर 130 नाविक सवार थे, जो हाल ही में भारतीय नौसेना के साथ थे। डेना विशाखापट्टनम में 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में शामिल होकर लौट रही थी, जहां 74 देशों के जहाज आए थे। अमेरिका ने यूएसएस पिंकनी को अंतिम समय में हटा लिया था।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार अमेरिका ने पनडुब्बी से टॉरपीडो चलाकर कोई जहाज डुबोया। श्रीलंकाई नौसेना ने 30 नाविकों को बचाया, जिनका इलाज गाले के करापितिया अस्पताल में चल रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने हमले की पुष्टि की।
यह घटना हिंद महासागर में तनाव बढ़ा रही है। अराघची की चेतावनी से साफ है कि ईरान चुप नहीं बैठेगा। वैश्विक समुद्री सुरक्षा पर इसका असर पड़ सकता है।