
पश्चिम एशिया में उग्र होते संघर्ष के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मंगलवार को फोन पर विस्तृत चर्चा की। तेहरान ने बुधवार को बताया कि अराघची ने क्षेत्र में हो रहे आक्रामक हमलों और अपराधों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की है।
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि इन हमलों में स्कूल, अस्पताल, आवासीय इलाके और ऐतिहासिक स्थलों को निशाना बनाया गया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। अराघची ने इनसे हुए भारी जनहानि और तबाही पर जोर देते हुए वैश्विक समुदाय से कड़ी निंदा की अपील की।
उन्होंने ईरान के आत्मरक्षा के अधिकार पर बल दिया और चेतावनी दी कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में क्षेत्र के सभी अमेरिकी ठिकानों को लक्ष्य बनाया जाएगा। यह कदम वैध और कानूनी होगा, उन्होंने स्पष्ट किया।
अराघची ने यूएन सुरक्षा परिषद से जिम्मेदार रुख अपनाने की अपेक्षा जताई। चुप्पी या कमजोर प्रतिक्रिया से अस्थिरता बढ़ेगी, ऐसा उनका मानना है।
गुटेरेस ने संघर्ष रोकने, कानून पालन और नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने सैन्य वृद्धि और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव की चिंता व्यक्त की।
यह बातचीत मध्य पूर्व की जटिल स्थिति को रेखांकित करती है, जहां कूटनीति और टकराव के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण है। ईरान की मजबूत स्थिति क्षेत्रीय समीकरण बदल सकती है।