
अमेरिका के साथ जारी गतिरोध के बीच ईरान ने अपनी सैन्य ताकत का नया प्रदर्शन किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने एक आधुनिक भूमिगत मिसाइल बेस का अनावरण कर दिया, जो देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बुधवार को ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दोलरहीम मौसवी और आईआरजीसी एयरोस्पेस डिवीजन के कमांडर सईद मजीद मौसवी ने इस बेस का दौरा किया। इस दौरान मिसाइल इकाइयों की तैयारियों का जायजा लिया गया और वरिष्ठ अधिकारियों को रणनीतिक प्रगति की जानकारी दी गई।
मौसवी ने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों को हर तकनीकी पहलू में उन्नत बनाकर हमलों को विफल करने की क्षमता बढ़ाई गई है। जून 2025 में इजरायल के साथ 12 दिवसीय संघर्ष के बाद ईरान ने अपनी सैन्य नीति में क्रांतिकारी बदलाव किया। अब रक्षात्मक रणनीति से आक्रामक मोड में परिवर्तन हुआ है, जो तेजी से बड़े पैमाने पर अभियानों, असममित युद्ध और निर्णायक हमलों पर जोर देता है।
वॉशिंगटन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति से तनाव चरम पर है। ट्रंप की धमकियों के जवाब में मौसवी ने रविवार को चेतावनी दी कि अमेरिका की किसी भी भूल पर ईरान करारा जवाब देगा। यह संघर्ष केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैल जाएगा।
‘जरा सी चूक ईरान को खुली छूट दे देगी, कोई अमेरिकी सुरक्षित नहीं बचेगा और आग अमेरिका व उसके सहयोगियों को भस्म कर देगी।’ बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन यह अनावरण ईरान की अडिग नीति को रेखांकित करता है, जो मध्य पूर्व की अस्थिरता को और गहरा सकता है।