
ईरान में अमेरिका-इजरायल के हमलों और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद हालात बेहद नाजुक हैं। ऐसे में वहां फंसे सैकड़ों भारतीय छात्रों के लिए संकट गहरा गया है। लेकिन मुंबई में ईरान के कांसुल जनरल सईद रेजा मोतलाग ने राहत भरी खबर दी है। उन्होंने कहा कि छात्रों को बिना किसी विशेष इजाजत के देश छोड़ने की छूट है।
आईएएनएस को दिए बयान में मोतलाग ने स्पष्ट किया कि सभी हवाई अड्डे युद्ध के कारण बंद हैं। इसलिए छात्र अफगानिस्तान या तुर्कमेनिस्तान जैसी सीमाओं से पैदल या सड़क मार्ग से निकल सकते हैं। बस पासपोर्ट साथ रखें, चेकपोस्ट की जरूरत नहीं। ईरानी सरकार ने छात्रों को युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित निकालने के लिए इंतजाम कर लिए हैं।
खासकर मेडिकल कोर्स करने वाले छात्रों की संख्या ज्यादा है। तेहरान और अन्य शहरों में तनाव चरम पर है, जहां सोमवार को नए धमाके हुए। सनंदाज के आवासीय इलाकों पर मिसाइल हमले की खबरें हैं। अमेरिकी हमलों में 500 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। ईरान भी अमेरिकी ठिकानों पर पलटवार कर रहा है।
कल ही सांसद केसी वेनुगोपाल ने एक्स पर चिंता जताई। उन्होंने पीएम मोदी से मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की। भारत सरकार प्रयासरत है। छात्र सतर्क रहें, दूतावास से संपर्क रखें। यह समन्वय भारत-ईरान संबंधों की मिसाल बनेगा।