
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर हिंसा की घटनाएं तेज हो गई हैं। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू कर दिया है, जबकि ईरान दोनों देशों के बीच शांति बहाली के लिए मध्यस्थ बनने को तैयार है। रमजान के पवित्र महीने में ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर अपील जारी की है।
अराघची ने लिखा कि इस्लामी दुनिया में एकता मजबूत करने का समय है। दोनों देशों को पड़ोसी के नाते बातचीत से मतभेद सुलझाने चाहिए। ईरान संवाद को सुगम बनाने और सहयोग बढ़ाने में हर संभव मदद करने को तत्पर है।
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, गुरुवार शाम को अफगान तालिबान ने खैबर पख्तूनख्वा के चित्राल, खैबर, मोहमंद, कुर्रम और बाजौर क्षेत्रों में गोलीबारी की। जवाब में पाकिस्तान ने ऑपरेशन गजाब लिल-हक शुरू किया।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सीमा पार झड़पों पर चिंता जताई है। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि गुटेरेस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और दोनों पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपेक्षा की।
पहले भी ऐसे तनाव हुए हैं, जहां युद्धविराम समझौते टूट चुके हैं। यूएन ने अन्य देशों की मध्यस्थता की सराहना की और कूटनीति पर जोर दिया। ईरान की पहल से शांति की नई उम्मीद जगी है।