
तेहरान, 28 जनवरी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर चर्चा की। पेजेशकियन ने स्पष्ट कहा कि ईरान शांति स्थापना और युद्ध रोकने वाली किसी भी प्रक्रिया का स्वागत करने को तैयार है, बशर्ते वह अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में देश और उसके नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करे।
राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। पेजेशकियन ने अमेरिका की धमकियों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया। उन्होंने वाशिंगटन पर ईरान के यूरोप के साथ पुराने कूटनीतिक संबंधों में बाधा डालने का आरोप लगाया और अमेरिकी बातचीत शैली को ‘हम बोलें, तुम करो’ करार दिया।
उन्होंने मुस्लिम देशों से सुरक्षा, स्थिरता और विकास के लिए एकजुट होने की अपील की। क्राउन प्रिंस ने कहा कि सऊदी अरब ईरान के खिलाफ किसी हमले या तनाव को स्वीकार नहीं करेगा और हमेशा शांति के लिए सहयोग करने को तैयार रहेगा।
इधर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की नौसेना के डिप्टी कमांडर मोहम्मद अकबरजादेह ने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी कि वे अपने हवाई क्षेत्र, जमीन या समुद्री इलाकों को ईरान पर हमले के लिए इस्तेमाल न करें। होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण है, जहां आकाश, समुद्र और समुद्र तल से लगातार निगरानी हो रही है।
यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत समूह के मध्य पूर्व पहुंचने के बीच ईरान ने किसी भी आक्रमण पर कड़ा जवाब देने की चेतावनी जारी की है। यह बातचीत दोनों देशों के बीच संबंधों में सकारात्मक बदलाव की ओर इशारा करती है।