
जिनेवा में ओमान की मध्यस्थता से हुई ईरान-अमेरिका वार्ता के दूसरे दौर के बाद तेहरान ने आगे की रणनीति पर जोर दिया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी से फोन पर चर्चा में कहा कि ईरान वाशिंगटन के साथ भावी बातचीत के लिए एक मजबूत ‘फ्रेमवर्क’ विकसित कर रहा है।
यह कॉल जिनेवा बैठक के ठीक एक दिन बाद हुई, जो तेहरान की सक्रियता को दर्शाता है। अराघची ने संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण सम्मेलन में उम्मीद जताई कि बातचीत से क्षेत्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान निकलेगा।
उन्होंने कहा कि ईरान टकराव से बचने के लिए अमेरिका के साथ सैद्धांतिक सहमति बना चुका है। हालांकि, किसी भी आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार रहने की चेतावनी भी दी। अराघची ने स्पष्ट किया कि हमले के परिणाम केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेंगे।
अमेरिकी पक्ष सख्ती पर कायम है। ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने पेरिस में कहा कि यूएस किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकेगा। राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि न्यूक्लियर ईरान स्वीकार्य नहीं।
उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा कि तेहरान ने अभी तक अमेरिकी ‘रेड लाइन्स’ का पालन नहीं किया। इन बयानों के बीच ईरान का फ्रेमवर्क प्रयास कूटनीति को नई दिशा दे सकता है।