
ईरान भर में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने 14वां दिन मच लिया है। आम जनता का गुस्सा हर कोने से फूट रहा है, जबकि इंटरनेट पर 60 घंटे से पूर्ण पाबंदी बरकरार है। अमेरिकी चेतावनी से चिढ़े तेहरान ने जवाब में कड़ी धमकी दी है, जिसके बाद इजरायल हाई अलर्ट पर आ गया है।
संसद अध्यक्ष कालीबाफ ने संसदीय सत्र में अमेरिका और इजरायल को निशाना बनाते हुए कहा कि इस्लामी गणराज्य पर हमले की स्थिति में अमेरिकी सेनाएं और कथित कब्जे वाला इलाका वैध लक्ष्य होंगे। स्टेट टीवी पर लाइव सत्र के दौरान सांसद मंच की ओर दौड़े और अमेरिका विरोधी नारे लगाए।
कट्टरपंथी नेता कालीबाफ ने पुलिस व रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की प्रदर्शनकारियों पर सख्ती की तारीफ की। उन्होंने चेतावनी दी, ‘हम लोगों के खिलाफ सबसे कठोर कार्रवाई करेंगे और गिरफ्तारों को सजा देंगे।’
टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, अमेरिकी हस्तक्षेप की आशंका से इजरायल सतर्क है। नेटब्लॉक्स ने पुष्टि की कि प्रदर्शनों के दौरान लगी इंटरनेट पाबंदी 60 घंटे से अधिक हो चुकी।
तस्नीम न्यूज के अनुसार, फार्स प्रांत के ममासानी में प्रदर्शनकारियों ने अदालत परिसर पर हमला कर गार्ड पोस्ट जला दिया। अभियोजक हसन इलाही ने बताया कि आग कई कमरों में फैल गई, जो ग्राउंड फ्लोर से ऊपरी मंजिल तक पहुंची।
ईरान का यह संकट तेजी से बढ़ रहा है। सरकार की सख्ती और जनाक्रोश के बीच वैश्विक चिंताएं गहरा रही हैं। आगे क्या होगा, दुनिया देख रही है।