
नई दिल्ली। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) द्वारा दिसंबर में जब्त तेल टैंकर एमटी वैलेंट रोअर पर सवार 16 भारतीय नाविकों में से आठ को रिहाई मिल गई है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यह राहत भरी खबर साझा की।
मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि बंदर अब्बास में दूतावास के अधिकारियों ने नाविकों से कांसुलर एक्सेस के तहत मुलाकात की। ‘ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 16 में से आठ रिहा हो चुके हैं। औपचारिकताएं पूरी होते ही वे भारत लौटेंगे। बाकी आठ के लिए हम तेहरान से लगातार संपर्क में हैं और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है।’
घटना की शुरुआत दिसंबर 2024 के पहले सप्ताह में हुई, जब यूएई के अंतरराष्ट्रीय जल सीमा के निकट आईआरजीसी ने टैंकर कब्जे में ले लिया। तेहरान में भारतीय दूतावास को 14 दिसंबर को सूचना मिली और तत्काल कांसुलर पहुंच की मांग की गई। इसके बाद राजनयिक पत्राचार, बंदर अब्बास-तेहरान में बैठकें और राजदूत स्तर की चर्चाएं चलीं।
परिवारों से बातचीत की अनुमति भी मांगी गई। जहाज पर भोजन-पानी की कमी की खबर पर जनवरी 초 में ईरानी नौसेना से इमरजेंसी सप्लाई की व्यवस्था की। यूएई मालिक कंपनी और उसके ईरानी एजेंटों पर कानूनी मदद, नियमित आपूर्ति के लिए दबाव बनाया गया। दुबई दूतावास ने भी सहयोग किया।
यह सफलता भारत की कूटनीतिक कुशलता का प्रमाण है। आठ नाविकों की घर वापसी नजदीक है, जबकि बाकियों के लिए प्रयास तेज हैं।