
ईरान ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया गया था कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता ओमान से हटकर कहीं और हो सकती है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मस्कट हमेशा से बातचीत का तय स्थान रहा है।
सरकारी एजेंसी इरना के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, बाकेई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्षेत्रीय देशों की कूटनीतिक पहलों का स्वागत किया जो तनाव कम करने और संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हो रही हैं। कई राष्ट्रों ने इस दिशा में सहयोग की पेशकश की है।
विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची क्षेत्रीय मंत्रियों और शांति चिंतित अन्य देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं। ये उच्च स्तरीय बातें राष्ट्रपति की भागीदारी वाली रही हैं, जिनका लक्ष्य तनाव घटाना और कूटनीति को गति देना है।
बाकेई ने दोहराया कि ओमान के अलावा कहीं और वार्ता की कोई योजना कभी नहीं बनी। उधर, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी मंगलवार को मस्कट पहुंचे और ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद से मिले।
दोनों ने क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया, सुरक्षा व स्थिरता के लिए सहयोग पर बल दिया। लारीजानी ने सोशल मीडिया एक्स पर इजरायल पीएम नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बैठक से पहले चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि अमेरिका को नेतन्याहू के दिखावे से परमाणु वार्ता प्रभावित नहीं होने देना चाहिए। इजरायल का मानना है कि ईरान पर भरोसा नहीं, और जरूरत पड़ी तो अकेले कदम उठाएगा। नेतन्याहू ने भी ईरान को शीर्ष मुद्दा बताया।