
तेहरान में विदेशी राजदूतों के साथ बैठक के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल पर देश में फैली अशांति को भड़काने का गंभीर आरोप लगाया। उनके पास कथित तौर पर इसके पक्के सबूत मौजूद हैं, जिन्हें उन्होंने सोमवार को साझा किया।
देशभर में प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में कई जानें जा चुकी हैं, जबकि मस्जिदें, चिकित्सा केंद्र और अन्य भवन जलाए गए हैं। अराघची का कहना है कि यह सब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सैन्य हस्तक्षेप का मौका देने के लिए रचा गया षड्यंत्र है।
उन्होंने कहा, ‘हमें हाल की आतंकी गतिविधियों में अमेरिका व इजरायल की संलिप्तता के दस्तावेज और रिकॉर्डिंग्स मिले हैं।’ प्रदर्शन स्थलों पर हथियारबंद लोग देखे गए, जिन्हें ऑडियो संदेशों में निर्देश दिए गए थे कि भीड़ पर गोलीबारी करें, पुलिस को निशाना बनाएं और निर्दोष नागरिकों पर हमला बोलें।
अराघची ने खुलासा किया कि कई शवों पर पीठ में गोलियां लगी मिलीं, जो विदेशी ताकतों से जुड़े गुर्गों की कार्रवाई को सिद्ध करता है। फारसी बोलने वाले मोसाद एजेंटों ने कथित रूप से घुसपैठ कर प्रदर्शनों को उग्र बनाया। ईरान इन सबूतों से दुनिया को अपनी बात मनवाने को तैयार है, जबकि अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की सूरत में हमले की धमकी दी है।
यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में तनाव को नई ऊंचाई दे रहा है, जहां हर पक्ष अपनी सफाई पेश कर रहा है।