
नई दिल्ली। महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए अमेरिका द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस बैठक की अध्यक्षता अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने की, जिसमें वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन की कमजोरियों को दूर करने पर चर्चा हुई।
वैष्णव ने बेसेंट के एक्स पोस्ट को रीपोस्ट कर भारत की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि यह भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और तेजी से विस्तारित इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए अनिवार्य है। बैठक में सभी देशों ने जोखिम कम करने की रणनीति पर सहमति जताई, न कि पूर्ण अलगाव पर।
भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया कि वैष्णव ने आर्थिक उन्नति, लचीली उत्पादन प्रणाली और विकसित भारत के लिए सुरक्षित सप्लाई चेन पर बल दिया। यह भारत-अमेरिका सहयोग का नया अध्याय है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक समन्वय से न केवल सप्लाई सुरक्षित होगी, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और तकनीकी नवाचार को गति मिलेगी। भारत की खनिज नीतियां और नीलामी प्रक्रिया इसे मजबूत आधार प्रदान कर रही हैं।
भू-राजनीतिक बदलावों के दौर में यह पहल रणनीतिक महत्व की है। इससे निवेश, तकनीक हस्तांतरण और सतत खनन के अवसर खुलेंगे। वैष्णव की भागीदारी से भारत वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति में आ गया है।