
नई दिल्ली। स्वीडन के भारत राजदूत जान थेस्लेफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। उनका मानना है कि जब भारत वैश्विक मंचों पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराता है, तो पूरी दुनिया का भला होता है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह समझौता वैश्विक अस्थिरता के दौर में सहयोग का प्रतीक है।
राजदूत थेस्लेफ ने जी20 शिखर सम्मेलन और आगामी एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि भारत लगातार अपनी सही पहचान बना रहा है। ‘भारत का यह योगदान न केवल खुद के लिए, बल्कि विश्व के लिए लाभकारी है।’
टैरिफ युद्धों के बीच इस एफटीए को उन्होंने नियम-आधारित विश्व व्यवस्था का उदाहरण बताया। भारत को भरोसेमंद साझेदार करार देते हुए उन्होंने कहा कि यह अनिश्चितता के दौर में सकारात्मक संदेश देता है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता पर स्वीडन का समर्थन दोहराते हुए थेस्लेफ ने कहा कि सुधारित संरचना में भारत की भूमिका अनिवार्य है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की विविधीकरण में भारत की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने 400 स्वीडिश कंपनियों का उल्लेख किया जो यहां उत्पादन कर रही हैं।
भारत के युवा प्रतिभा भंडार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि स्वीडन ऐसे प्रतिभाओं को आकर्षित करने को उत्सुक है, खासकर हरित संक्रमण और कनेक्टिविटी क्षेत्रों में। यह साझेदारी दोनों देशों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।