
भारत और जापान के बीच रिश्ते अब और मजबूत हो गए हैं। जापान का वैध वीजा लिए भारतीय पासपोर्ट धारक अब सात अन्य देशों में बिना झंझट के घूम सकेंगे। नई दिल्ली में हालिया उच्चस्तरीय चर्चाओं के बाद सामने आई यह नीति यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी।
जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी के तीन दिवसीय भारत दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात हुई। हिंद-प्रशांत क्षेत्र के ये दो बड़े देश वैश्विक चुनौतियों के बीच अपनी रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
इस नई व्यवस्था के तहत जॉर्जिया, फिलीपींस, सिंगापुर, यूएई, ताइवान, मॉन्टेनेग्रो और मैक्सिको जैसे देशों का रास्ता खुल गया है। प्रत्येक देश की शर्तों का पालन जरूरी है, लेकिन समय और खर्च की भारी बचत होगी।
2027 में रणनीतिक साझेदारी के 75 वर्ष पूरे होंगे, जबकि इस साल फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक रणनीति की 10वीं वर्षगांठ है। दोनों मंत्रियों ने 2026 की पहली तिमाही में आर्थिक सुरक्षा पर निजी क्षेत्र संवाद को मंजूरी दी।
सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, आईसीटी, स्वच्छ ऊर्जा और फार्मास्यूटिकल्स पर केंद्रित यह संवाद वैश्विक निर्भरता घटाने और दुर्लभ मिट्टी की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखता है।
एआई में जापान-भारत सहयोग पहल को मजबूत करने के लिए रणनीतिक संवाद की स्थापना पर जोर। क्वाड के तहत समुद्री जागरूकता, सुरक्षित संचार और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।
यह समझौता न केवल यात्रा को सरल बनाता है, बल्कि आर्थिक और सुरक्षा क्षेत्र में दोनों देशों को अपरिहार्य साझेदार के रूप में स्थापित करता है।