
इंडोनेशिया के बेलावन बंदरगाह पर भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के पहुंचने से दोनों देशों के बीच समुद्री रिश्तों को नई गहराई मिली है। यह तीन दिवसीय दौरा भारत की पूर्व की ओर सक्रिय नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा साबित हुआ।
स्क्वाड्रन में आईएनएस तीर, शार्दुल और सुजाता शामिल थे, जबकि तटरक्षक बल का आईसीजीएस सारथी भी साथ था। दोनों नौसेनाओं के बीच पेशेवर चर्चाओं, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और खेल गतिविधियों ने आपसी समझ को बढ़ाया।
वरिष्ठ अधिकारी कैप्टन टीजो के. जोसेफ ने इंडोनेशियाई समकक्षों से समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग पर गहन बातचीत की। विशेष स्वागत समारोह में भारतीय वाणिज्य दूतावास के प्रतिनिधि भी शरीक हुए, जिसने विश्वास को और पक्का किया।
भारतीय प्रशिक्षुओं को इंडोनेशियाई सुविधाओं का दौरा कराया गया। संयुक्त खेल और योग सत्रों ने भाईचारे को मजबूत किया। स्कूली बच्चों के लिए जहाज खोलने से बच्चों में उत्साह की लहर दौड़ गई।
यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को सशक्त बनाती है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता का संदेश भी देती है। भारत का यह कदम क्षेत्रीय एकजुटता को प्रोत्साहित करने वाला है।