
अमेरिका के सैन डिएगो में आयोजित प्रतिष्ठित वेस्ट 2026 वार्षिक सम्मेलन में भारतीय नौसेना के प्रतिनिधिमंडल ने सक्रिय भूमिका निभाई। नौसेना स्टाफ के उप प्रमुख वाइस एडमिरल संजय वत्सायन के नेतृत्व में यह दल हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत-अमेरिका समुद्री साझेदारी को नई गति प्रदान करने पहुंचा।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि वाइस एडमिरल वत्सायन ने इंडो-पैसिफिक में सहयोगियों और साझेदारों की तत्परता, एकीकरण तथा भविष्य की लड़ाई पर उच्च स्तरीय पैनल में भाग लिया। उन्होंने रक्षा उद्योग के प्रमुख नेताओं के साथ विस्तृत चर्चाएं कीं, जो तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोल सकती हैं।
दौरे के दौरान अमेरिकी नौसेना के संचालन प्रमुख और फ्लीट कमांडरों समेत वरिष्ठ अधिकारियों से बैठकें हुईं। सैन डिएगो की नौसेना सुविधाओं का दौरा भी किया गया, जिससे दोनों देशों के बीच नौसेना संचालन और समुद्री सुरक्षा के साझा लक्ष्यों पर सहमति बनी।
इसी बीच, भारतीय नौसेना ने संयुक्त टास्क फोर्स 154 की कमान संभाल ली, जो 47 देशों वाली कंबाइंड मैरीटिम फोर्सेस के तहत पहली बार किसी भारतीय अधिकारी के पास है। 11 फरवरी को बहरीन के मनामा में आयोजित समारोह में वाइस एडमिरल कर्ट ए. रेनशॉ ने अध्यक्षता की। वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।
शौर्य चक्र से सम्मानित कमोडोर मिलिंद एम. मोकाशी ने इटैलियन नौसेना के पूर्व कमांडर से कमान संभाली। मई 2023 में गठित यह टास्क फोर्स समुद्री डोमेन अवेयरनेस, समुद्री कानून, अवरोधन अभियान, बचाव सहायता तथा नेतृत्व विकास जैसे पांच स्तंभों पर आधारित प्रशिक्षण प्रदान करती है। यह कदम हिंद महासागर और उसके परे समुद्री सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।