
वॉशिंगटन। अमेरिका ने 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा पर रोक लगाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश भी शामिल हैं। भारतीय अमेरिकी समुदाय के प्रमुख नेता जसदीप सिंह जस्सी ने राष्ट्रपति ट्रंप के इस कदम का जोरदार स्वागत किया है।
जस्सी ने कहा कि यह निर्णय इन देशों की वेटिंग प्रणाली की गंभीर कमियों और लंबे समय से चली आ रही सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करता है। ‘ट्रंप का सख्त इमिग्रेशन स्क्रीनिंग का नजरिया हमेशा से यही रहा है,’ उन्होंने बताया। सूचीबद्ध देश अपने पासपोर्ट सिस्टम की सही जांच नहीं करते, जिससे बिना जांच के लोग अमेरिका पहुंच जाते हैं।
बांग्लादेश की हालिया अस्थिरता और पाकिस्तान के कट्टरपंथी इतिहास का हवाला देते हुए जस्सी ने कहा कि दोनों देशों को अपनी प्रक्रियाओं में सुधार करना होगा। पासपोर्ट जारी करने में भ्रष्टाचार आम है, जहां बिना स्क्रूटनी के दस्तावेज मिल जाते हैं।
यह रोक 21 जनवरी से लागू होगी, जब तक स्टेट डिपार्टमेंट अपनी जांच प्रक्रिया की समीक्षा करेगा। प्रिंसिपल डिप्टी प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, ‘हम अमेरिकी संसाधनों का दुरुपयोग रोक रहे हैं।’ जस्सी का मानना है कि यह सुधारों के लिए सकारात्मक दबाव है, जो अमेरिका और प्रभावित देशों दोनों को लाभ पहुंचाएगा।
भारतीय अमेरिकी समुदाय में यह फैसला व्यापक समर्थन बटोर रहा है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। आने वाले दिनों में वैश्विक प्रवास नीतियों पर इसका असर दिखेगा।