
उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान भारत की सचिव (दक्षिण) नीना मल्होत्रा ने ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज के महात्मा गांधी इंडोलॉजी सेंटर का दौरा किया। यहां उन्होंने विद्वानों और छात्रों से गहन चर्चा की।
चर्चा का मुख्य केंद्र भारत-उज्बेकिस्तान के बीच सांस्कृतिक व शैक्षिक संबंधों को और सशक्त बनाना रहा। हिंदी सहित भारतीय भाषाओं के प्रचार के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशे गए।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, मल्होत्रा ने विश्वविद्यालय में ‘ग्लोबल साउथ में महिलाओं का सशक्तिकरण – सतत विकास के मार्ग’ विषयक सम्मेलन में मुख्य भाषण दिया। उन्होंने वैश्विक दक्षिण के देशों में महिलाओं की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि समावेशी विकास के लिए उनका उत्थान जरूरी है।
भारत की राजदूत स्मिता पंत के साथ सेंटर का भ्रमण और ‘उज्बेकिस्तान व भारत के साहित्य में महिलाएं’ पर गोलमेज वार्ता आयोजित हुई। संकाय सदस्यों व छात्रों ने महिलाओं के सामाजिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक योगदान पर विचार साझा किए।
विश्वविद्यालय की रेक्टर प्रो. जी.एस. रिख्सियेवा को इंडोलॉजी के प्रचार के लिए धन्यवाद दिया गया। दोनों देशों के मध्य शैक्षणिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान व भाषा शिक्षा के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ।
यह यात्रा दोनों राष्ट्रों के बीच जन-जन तक पहुंचने वाले संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

