
वाशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत के साथ व्यापारिक सौदे की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत अभी थमने वाली नहीं है। अंतरिम समझौते की मुख्य रूपरेखा तो तैयार हो चुकी है, लेकिन शेष टैरिफ और गैर-टैरिफ अवरोधों पर विचार-विमर्श जारी रहेगा।
यह ब्योरा शुक्रवार को ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन वार्ता के बाद जारी फैक्ट शीट से सामने आया। दोनों ने द्विपक्षीय व्यापार के लिए अस्थायी ढांचे पर सहमति जताई और पूर्ण समझौते की दिशा में कदम बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
व्हाइट हाउस के मुताबिक, शेष टैरिफ बाधाएं, अतिरिक्त गैर-टैरिफ रुकावटें, व्यापारिक तकनीकी अवरोध, सीमा शुल्क सरलीकरण, व्यापार सुगमता और नियामक ढांचे पर चर्चा बरकरार रहेगी। सेवाएं, निवेश, बौद्धिक संपदा अधिकार, श्रम व पर्यावरण मानक, सरकारी खरीद तथा सरकारी उपक्रमों की अनुचित प्रथाओं पर भी विचार होगा।
संवेदनशील विषयों पर बहस जारी रहने के बावजूद अंतरिम सौदे के तहत तत्काल कदम उठाए जाएंगे। ट्रंप ने भारत से आयातित वस्तुओं पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क हटाने का ऐलान किया, जो भारत की रूस से तेल खरीद बंद करने की प्रतिबद्धता का पुरस्कार है। इस पर कार्यकारी आदेश जारी हो चुका है।
अमेरिका ने भारत पर पारस्परिक शुल्क 25 से घटाकर 18 प्रतिशत करने का निर्णय लिया, क्योंकि भारत ने व्यापार असंतुलन और राष्ट्रीय सुरक्षा में सहयोग का भरोसा दिलाया। भारत ने अमेरिकी उत्पादों की खरीद बढ़ाने तथा गैर-टैरिफ बाधाओं को समाप्त करने का वचन दिया। दोनों मूल नियमों पर सहमति बनाएंगे ताकि लाभ मुख्यतः दोनों देशों को मिले।
डिजिटल व्यापार इस सौदे का केंद्रबिंदु है। भारत ने डिजिटल सेवा कर समाप्त करने और द्विपक्षीय नियमों पर राजी हो गया, जिसमें ऑनलाइन लेन-देन पर शुल्क न लगाना और भेदभाव रोकना शामिल है।
आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने, आपूर्ति श्रृंखला सशक्त बनाने, नवाचार को प्रोत्साहन और प्रौद्योगिकी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। व्हाइट हाउस ने उल्लेख किया कि भारत अमेरिकी वस्तुओं पर ऊंचे शुल्क लगाता रहा—कृषि पर औसत 37 प्रतिशत तथा कुछ ऑटो पर 100 प्रतिशत से अधिक।