
वाशिंगटन। व्यापारिक विवादों और वैश्विक मुद्दों पर भिन्न मतभेदों के बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राम माधव ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच मौजूदा तनाव क्षणिक है। ओएफबीजेपी के आयोजन में बोलते हुए उन्होंने जोर दिया कि दोनों देशों के रिश्ते दीर्घकालिक हितों पर टिके हैं और भारत इस साझेदारी को मजबूत करने के लिए कटिबद्ध है।
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में भारत में बड़ी उम्मीदें जगीं, लेकिन उसके बाद की घटनाएं अप्रत्याशित रहीं। माधव ने कहा कि ट्रंप का कार्यशैली अलग है, जो दुनिया के कई देशों को चुनौती दे रही है।
व्यापार वार्ताओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि दोनों देशों के वाणिज्य मंत्रालय आठ-नौ माह से बातचीत में जुटे हैं और समझौता करीब था। लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति को व्यापार से जोड़ने से जटिलताएं बढ़ीं।
भारत-पाकिस्तान विवाद को पूरी तरह द्विपक्षीय बताते हुए माधव ने कहा कि इसमें किसी तीसरे देश की कोई गुंजाइश नहीं। अमेरिका से भी स्पष्ट अनुरोध किया गया है कि व्यापार और भू-राजनीति को अलग रखा जाए। नीतिगत निर्णय अनौपचारिक रूप से नहीं होते।
माधव ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भारत-अमेरिका मित्रता की नींव की याद दिलाई। भारतीय प्रवासी समुदाय की भूमिका की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान मुश्किलें व्यक्तिगत हैं, नीतिगत नहीं। भारत संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने को तैयार है।