
नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान के उस बेतुके आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें उसने अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा यानी डूरंड लाइन पर चल रहे संघर्ष में भारत का हाथ होने का दावा किया था। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि सीमा-पार आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान की कोई साख नहीं बची है। दशकों से पाकिस्तान आतंकवाद को पोषित करता आ रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, ‘ये झूठे इल्जाम पूरी तरह बकवास हैं। अपनी गलतियों का ठीकरा भारत के सिर फोड़ना पाकिस्तान की फितरत बन चुकी है, लेकिन अब कोई इसकी बातों में नहीं आता।’
अफगान और पाकिस्तानी सेनाओं के बीच टकराव 27 फरवरी को तब भड़का जब अफगान सेना ने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर जवाबी हमला किया। यह पाकिस्तान द्वारा 21 फरवरी को अफगान सीमा में घुसपैठ के जवाब में था। इसके बाद पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ चलाया, जिसे उसने अफगान गोलीबारी के विरुद्ध बताया।
इस हफ्ते भारत ने पाकिस्तान के अफगानिस्तान पर हवाई हमलों की भी जोरदार निंदा की। रमजान के पवित्र महीने में इस्लामी एकता का ढोंग गढ़ते हुए बमबारी करना पाखंड है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा, ‘कानून और एकजुटता की दुहाई देना और रमजान में निर्दयी हवाई हमले करना महज दिखावा है।’
उन्होंने बताया कि 6 मार्च 2026 तक इन हमलों में 185 निर्दोष मारे गए, जिनमें 55 प्रतिशत महिलाएं व बच्चे। ‘भारत अफगान क्षेत्र में इन हमलों की कड़ी निंदा करता है जो अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संप्रभुता का उल्लंघन है।’
अफगानिस्तान पर चर्चा में हरीश ने पाकिस्तान का नाम न लेकर भी उनकी नीतियों पर सीधी चोट की। पाकिस्तान का दावा है कि अफगानिस्तान आतंकियों को शरण दे रहा है, जबकि भारत कहता है कि प्रॉक्सी के रूप में आतंकियों का इस्तेमाल पाकिस्तान ही करता है।
यह विवाद क्षेत्रीय अस्थिरता को उजागर करता है। भारत पाकिस्तान के आतंक समर्थन को बेनकाब कर दुनिया को सच्चाई दिखा रहा है।