
पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण माहौल में समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा है। विदेश मंत्रालय ने होर्मुज जलसंधि में थाई जहाज मयूरी नारी पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। यह जहाज कांडला बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था जब अचानक हमला हुआ।
जहाज से काला धुआं उठता नजर आया और पानी में लाइफ राफ्ट तैरते दिखे। ओमानी नौसेना ने 20 नाविकों को सुरक्षित निकाला, जबकि तीन की तलाश जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रोजेक्टाइल से हमला ओमान के उत्तर में 11 नॉटिकल मील दूर हुआ।
मंत्रालय ने चेतावनी दी कि संघर्ष के बीच व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना, चालक दल के सदस्यों की जान जोखिम में डालना या व्यापार मार्गों में बाधा उचित नहीं। पहले के हमलों में भारतीयों समेत कई जानें जा चुकी हैं और अब ये और घातक हो रहे हैं।
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि उसी दिन एक अन्य हमले में दो भारतीय मारे गए, एक लापता है। इजरायल व दुबई में भी घायल हैं। दूतावास सक्रिय हैं, परिवारों को सहायता दे रहे।
ईरान में 9,000 भारतीय फंसे हैं। कई लौट चुके, बाकियों से संपर्क हो रहा। कुछ जमीनी रास्ते से आर्मेनिया-अजरबैजान जाना चाहते हैं। सभी दूतावास 24×7 अलर्ट पर हैं, हेल्पलाइन जारी।
हमले की जांच चल रही है। भारत ने वैश्विक व्यापार के लिए स्वतंत्र समुद्री मार्गों की रक्षा पर जोर दिया है।